ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 216216.2श्रीरामचरितमानस 216.2प्रेम मगन मनु जानि नृपु करि बिबेकु धरि धीर। बोलेउ मुनि पद नाइ सिरु गदगद गिरा गभीर ॥215॥पिछलापूरा अध्याय