ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 212212.2श्रीरामचरितमानस 212.2अस प्रभु दीनबंधु हरि कारन रहित दयाल। तुलसिदास सठ तेहि भजु छाड़ि कपट जंजाल ॥211॥पिछलापूरा अध्याय