ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 211211.2श्रीरामचरितमानस 211.2गौतम नारि श्राप बस उपल देह धरि धीर। चरन कमल रज चाहति कृपा करहु रघुबीर ॥210॥पिछलापूरा अध्याय