ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 210210.2श्रीरामचरितमानस 210.2आयुष सब समर्पि कै प्रभु निज आश्रम आनि। कंद मूल फल भोजन दीन्ह भगति हित जानि ॥209॥पिछलापूरा अध्याय