ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 203203.2श्रीरामचरितमानस 203.2बार बार कौसल्या बिनय करइ कर जोरि।। अब जनि कबहूँ ब्यापै प्रभु मोहि माया तोरि ॥202॥पिछलापूरा अध्याय