ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 202202.2श्रीरामचरितमानस 202.2देखरावा मातहि निज अदभुत रुप अखंड। रोम रोम प्रति लागे कोटि कोटि ब्रह्मंड ॥201॥पिछलापूरा अध्याय