ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 195195.2श्रीरामचरितमानस 195.2गृह गृह बाज बधाव सुभ प्रगटे सुषमा कंद। हरषवंत सब जहँ तहँ नगर नारि नर बृंद ॥194॥पिछलापूरा अध्याय