ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 187187.2श्रीरामचरितमानस 187.2जानि सभय सुरभूमि सुनि बचन समेत सनेह। गगनगिरा गंभीर भइ हरनि सोक संदेह ॥186॥पिछलापूरा अध्याय