ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 184184.3श्रीरामचरितमानस 184.3बरनि न जाइ अनीति घोर निसाचर जो करहिं। हिंसा पर अति प्रीति तिन्ह के पापहि कवनि मिति ॥183॥पिछलापूरा अध्याय