ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 178178.2श्रीरामचरितमानस 178.2गए बिभीषन पास पुनि कहेउ पुत्र बर मागु। तेहिं मागेउ भगवंत पद कमल अमल अनुरागु ॥177॥पिछलापूरा अध्याय