ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 176176.2श्रीरामचरितमानस 176.2भरद्वाज सुनु जाहि जब होइ बिधाता बाम। धूरि मेरुसम जनक जम ताहि ब्यालसम दाम। ॥175॥पिछलापूरा अध्याय