ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 174174.2श्रीरामचरितमानस 174.2बोले बिप्र सकोप तब नहिं कछु कीन्ह बिचार। जाइ निसाचर होहु नृप मूढ़ सहित परिवार ॥173॥पिछलापूरा अध्याय