ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 164164.2श्रीरामचरितमानस 164.2सुनु महीस असि नीति जहँ तहँ नाम न कहहिं नृप। मोहि तोहि पर अति प्रीति सोइ चतुरता बिचारि तव ॥163॥पिछलापूरा अध्याय