ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 158158.2श्रीरामचरितमानस 158.2खेद खिन्न छुद्धित तृषित राजा बाजि समेत। खोजत ब्याकुल सरित सर जल बिनु भयउ अचेत ॥157॥पिछलापूरा अध्याय