ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 157157.2श्रीरामचरितमानस 157.2नील महीधर सिखर सम देखि बिसाल बराहु। चपरि चलेउ हय सुटुकि नृप हाँकि न होइ निबाहु ॥156॥पिछलापूरा अध्याय