ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 154154.2श्रीरामचरितमानस 154.2जब प्रतापरबि भयउ नृप फिरी दोहाई देस। प्रजा पाल अति बेदबिधि कतहुँ नहीं अघ लेस ॥153॥पिछलापूरा अध्याय