Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 152.2

तहँ करि भोग बिसाल तात गउँ कछु काल पुनि।
होइहहु अवध भुआल तब मैं होब तुम्हार सुत ॥151॥

पूरा अध्याय