Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 151.2

सोइ सुख सोइ गति सोइ भगति सोइ निज चरन सनेहु।।
सोइ बिबेक सोइ रहनि प्रभु हमहि कृपा करि देहु ॥150॥

पूरा अध्याय