ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 139139.2श्रीरामचरितमानस 139.2बहुबिधि मुनिहि प्रबोधि प्रभु तब भए अंतरधान।। सत्यलोक नारद चले करत राम गुन गान ॥138॥पिछलापूरा अध्याय