ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 138138.2श्रीरामचरितमानस 138.2श्राप सीस धरी हरषि हियँ प्रभु बहु बिनती कीन्हि। निज माया कै प्रबलता करषि कृपानिधि लीन्हि ॥137॥पिछलापूरा अध्याय