ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 137137.2श्रीरामचरितमानस 137.2असुर सुरा बिष संकरहि आपु रमा मनि चारु। स्वारथ साधक कुटिल तुम्ह सदा कपट ब्यवहारु ॥136॥पिछलापूरा अध्याय