ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 134134.2श्रीरामचरितमानस 134.2रहे तहाँ दुइ रुद्र गन ते जानहिं सब भेउ। बिप्रबेष देखत फिरहिं परम कौतुकी तेउ ॥133॥पिछलापूरा अध्याय