ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 132132.2श्रीरामचरितमानस 132.2एहि अवसर चाहिअ परम सोभा रूप बिसाल। जो बिलोकि रीझै कुअँरि तब मेलै जयमाल ॥131॥पिछलापूरा अध्याय