ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 128128.2श्रीरामचरितमानस 128.2संभु दीन्ह उपदेस हित नहिं नारदहि सोहान। भारद्वाज कौतुक सुनहु हरि इच्छा बलवान ॥127॥पिछलापूरा अध्याय