Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 117.2

पुरुष प्रसिद्ध प्रकास निधि प्रगट परावर नाथ।।
रघुकुलमनि मम स्वामि सोइ कहि सिवँ नायउ माथ ॥116॥

पूरा अध्याय