ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 105105.2श्रीरामचरितमानस 105.2प्रथमहिं मै कहि सिव चरित बूझा मरमु तुम्हार। सुचि सेवक तुम्ह राम के रहित समस्त बिकार ॥104॥पिछलापूरा अध्याय