ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 104104.3श्रीरामचरितमानस 104.3चरित सिंधु गिरिजा रमन बेद न पावहिं पारु। बरनै तुलसीदासु किमि अति मतिमंद गवाँरु ॥103॥पिछलापूरा अध्याय