ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 101101.3श्रीरामचरितमानस 101.3मुनि अनुसासन गनपतिहि पूजेउ संभु भवानि। कोउ सुनि संसय करै जनि सुर अनादि जियँ जानि ॥100॥पिछलापूरा अध्याय