Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 6.20

प्रहर्षं प्राप्य सेना तु तावकी भरतर्षभ
तां रात्रिं सुखिनी सुप्ता स्वस्थचित्तेव साभवत्

पूरा अध्याय