ग्रंथमहाभारतशल्यपर्वअध्याय 5757.30महाभारत 57.30व्यायामप्रद्रुतौ तौ तु वृषभाक्षौ तरस्विनौ अन्योन्यं जघ्नतुर्वीरौ पङ्कस्थौ महिषाविवपिछलाअगलापूरा अध्याय