Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 54.42

शुशुभे राजमध्यस्थो नीलवासाः सितप्रभः
नक्षत्रैरिव संपूर्णो वृतो निशि निशाकरः

पूरा अध्याय