Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 54.27

अन्योन्यमभिधावन्तौ मत्ताविव महाद्विपौ
वाशितासंगमे दृप्तौ शरदीव मदोत्कटौ

पूरा अध्याय