ग्रंथमहाभारतशल्यपर्वअध्याय 5050.45महाभारत 50.45ततोऽब्रवीदृषिगणो बालस्त्वमसि पुत्रक स तानाह न मे धर्मो नश्येदिति पुनर्मुनीन्पिछलाअगलापूरा अध्याय