Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 49.50

स्वमाश्रमपदं पुण्यमाजगाम पतंगवत्
प्रविशन्नेव चापश्यज्जैगीषव्यं स देवलः

पूरा अध्याय