ग्रंथमहाभारतशल्यपर्वअध्याय 4545.6महाभारत 45.6उत्तेजनी जयत्सेना कमलाक्ष्यथ शोभना शत्रुंजया तथा चैव क्रोधना शलभी खरीपिछलाअगलापूरा अध्याय