ग्रंथमहाभारतशल्यपर्वअध्याय 4545.3महाभारत 45.3प्रभावती विशालाक्षी पलिता गोनसी तथा श्रीमती बहुला चैव तथैव बहुपुत्रिकापिछलाअगलापूरा अध्याय