ग्रंथमहाभारतशल्यपर्वअध्याय 4545.14महाभारत 45.14लम्बसी केतकी चैव चित्रसेना तथा बला कुक्कुटिका शङ्खनिका तथा जर्जरिका नृपपिछलाअगलापूरा अध्याय