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महाभारत 42.39

यत्रायजद्राजसूयेन सोमः; साक्षात्पुरा विधिवत्पार्थिवेन्द्र
अत्रिर्धीमान्विप्रमुख्यो बभूव; होता यस्मिन्क्रतुमुख्ये महात्मा

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