Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 28.41

स तु मामश्रुपूर्णाक्षो नाशक्नोदभिवीक्षितुम्
उपप्रैक्षत मां दृष्ट्वा तदा दीनमवस्थितम्

पूरा अध्याय