ग्रंथमहाभारतशल्यपर्वअध्याय 2626.24महाभारत 26.24नापयाति भयात्कृष्ण संग्रामाद्यदि चेन्मम निहतं विद्धि वार्ष्णेय धार्तराष्ट्रं सुबालिशम्पिछलाअगलापूरा अध्याय