Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 17.25

संजय उवाच
एवमुक्तस्ततो राजा बलेन महता वृतः
प्रययौ सिंहनादेन कम्पयन्वै वसुंधराम्

पूरा अध्याय