Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 16.42

तां कालरात्रीमिव पाशहस्तां; यमस्य धात्रीमिव चोग्ररूपाम्
सब्रह्मदण्डप्रतिमाममोघां; ससर्ज यत्तो युधि धर्मराजः

पूरा अध्याय