ग्रंथमहाभारतशल्यपर्वअध्याय 1111.48महाभारत 11.48तस्य पार्थो महाराज नाराचान्वै चतुर्दश मर्माण्युद्दिश्य मर्मज्ञो निचखान हसन्निवपिछलाअगलापूरा अध्याय