Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 68.34

नराश्वमातङ्गशरीरजेन; रक्तेन सिक्ता रुधिरेण भूमिः
रक्ताम्बरस्रक्तपनीययोगा;न्नारी प्रकाशा इव सर्वगम्या

पूरा अध्याय