ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 6363.48महाभारत 63.48तदुपश्रुत्य मघवा प्रणिपत्य पितामहम् कर्णार्जुनविनाशेन मा नश्यत्वखिलं जगत्पिछलाअगलापूरा अध्याय