Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 60.33

स राजपुत्रोऽन्यदवाप्य कार्मुकं; वृकोदरं द्वादशभिः पराभिनत्
स्वयं नियच्छंस्तुरगानजिह्मगैः; शरैश्च भीमं पुनरभ्यवीवृषत्

पूरा अध्याय