ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 5555.32महाभारत 55.32गजाश्च बहुला राजन्नराश्च जयगृद्धिनः रथा हयाश्च राजेन्द्र परिवव्रुर्वृकोदरम्पिछलाअगलापूरा अध्याय