Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 51.65

प्रोत्साहयन्दुरात्मानं धार्तराष्ट्रं सुदुर्मतिः
समितौ गर्जते कर्णस्तमद्य जहि भारत

पूरा अध्याय