ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 55.25महाभारत 5.25ज्ञातिसंबन्धिमित्राणामिमं श्रुत्वा पराजयम् को मदन्यः पुमाँल्लोके न जह्यात्सूत जीवितम्पिछलाअगलापूरा अध्याय