ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 4545.28महाभारत 45.28ततो दुर्योधनः कर्णमब्रवीत्प्रणयादिव पश्य कर्ण यथा सेना पाण्डवैरर्दिता भृशम्पिछलाअगलापूरा अध्याय